इस पुस्तक में भरतपुर के महाराजा सूरजमल के जीवन की गाथा, संघर्ष एवं उपलब्धिायें का इतिहास लिखा गया है। महाराजा सूरजमल ने मुगलों की सल्तनत में से भूभाग काटकर अपने लिए एक नवीन राज्य का निर्माण किया जो उस युग की बहुत बड़ी उपलब्धि थी।
राजस्थान में श्रीकृष्णभक्ति परम्परा अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और बहुआयामी है। यद्यपि ऐतिहासिक दृष्टि से यह कहना कठिन है कि राजस्थान में श्रीकृष्णभक्ति परम्परा की...
ज्येष्ठाधिकार का सिद्धांत (Law of Primogeniture)
प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के विभिन्न हिन्दू राज्यों में उत्तराधिकार विवादों (Succession Disputes) का एक प्रमुख कारण यह था...
भाटी गोयन्ददास (गोविन्ददास) ने साधारण राजपूत परिवार में जन्म लिया किंतु अपनी स्वामिभक्ति, शौर्य एवं बुद्धि-चातुर्य के बल पर वह मारवाड़ राज्य (Princely State...