इस पुस्तक में भरतपुर के महाराजा सूरजमल के जीवन की गाथा, संघर्ष एवं उपलब्धिायें का इतिहास लिखा गया है। महाराजा सूरजमल ने मुगलों की सल्तनत में से भूभाग काटकर अपने लिए एक नवीन राज्य का निर्माण किया जो उस युग की बहुत बड़ी उपलब्धि थी।
हिन्दी साहित्य में हम्मीर रासो नाम से तीन अलग-अलग रचनाएँ मिलती हैं, जिनके रचयिता, भाषा और काल भिन्न-भिन्न हैं।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
13वीं शताब्दी के अंत में...
भारतीय संस्कृत साहित्य में महाकाव्य एक ऐसी विधा है जो केवल काव्य-सौंदर्य ही नहीं, बल्कि तत्कालीन युग की सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक परिस्थितियों...