राष्ट्रीय राजनीति में मेवाड़ का प्रभाव पुस्तक में छठी शताब्दी ईस्वी में गुहिल वंश के उदय से लेकर बीसवीं सदी में मेवाड़ रियासत के विलोपन तक मेवाड़ रियासत के राष्ट्रीय राजनीति में योगदान एवं प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।
कान्हड़दे प्रबंध (Kanhadde Prabandh) कवि पद्मनाभ (Padmanabh) द्वारा रचित अपभ्रंश ग्रंथ है, जिसमें जालौर के चहमान शासक रावल कान्हड़देव की वीरता, अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin...