डीग जिला ई-बुक

डीग जिला ई-बुक डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘डीग जिले का सांस्कृतिक एवं ऐतिहासक अध्ययन’’ का डिजिटल रूपांतरण है। इसे ऑनलाइन या किंडल पर पढ़ा जा सकता है।

डीग जिला ई-बुक – अनुक्रमणिका

डीग जिला ई-बुक अमेजन डॉट इन पर उपलब्ध है। इस पुस्तक की अनुक्रमणिका यहां दी जा रही है-

  1. डीग जिले का सामान्य परिचय         10
  2. जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट (राजस्व प्रशासन)  10
  3. पुलिस तंत्र            10
  4. पंचायत समितियाँ 11
  5. विधानसभा एवं लोकसभा क्षेत्र          11
  6. राजस्थान सरकार के प्रमुख जिला स्तरीय कार्यालय      11
  7. जिला प्रशासन से सम्बन्धित जानकारियों के महत्वपूर्ण पोर्टल              11
  8. डीग जिले में केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यालय 11
  9. डीग जिले का भूगोल          13
  10. डीग जिले का भू-आकृतिक स्वरूप  13
  11. भू-वैज्ञानिक संरचना एवं शैलिकी      13
  12. उच्चावच, ढाल एवं स्थलाकृतिक प्रवणता        13
  13. मुख्य भू-आकृतिक इकाइयां            14
  14. भौतिक एवं भू-वैज्ञानिक संरचना      15
  15. भू-वैज्ञानिक उत्पत्ति एवं शैल समूह   15
  16. उच्चावच एवं धरातलीय स्वरूप        15
  17. भू-संरक्षण एवं स्थलाकृतिक प्रबंधन के सुझाव 15
  18. डीग जिले की मिट्टियाँ एवं खनिज     17
  19. मृदा प्रकार एवं उनका स्थानिक वितरण         17
  20. नवीन जलोढ़ एवं दोमट मृदा            17
  21. कछारी एवं मटियार दोमट मृदा       17
  22. रेतीली दोमट मृदा 17
  23. लवणीय एवं क्षारीय मृदा     17
  24. मृदा प्रकारों का विस्तृत तुलनात्मक विवरण    17
  25. डीग जिले के प्रमुख खनिज 18
  26. डीग जिले का जल-भूगोल एवं जल-निकाय     19
  27. डीग जिले का अपवाह तंत्र  19
  28. नदियाँ    19
  29. नहरें एवं बांध       20
  30. ऐतिहासिक जल निकाय     20
  31. डीग जिले के मुख्य जल निकाय        20
  32. रूप सागर           21
  33. गोपाल सागर       21
  34. विमल कुंड (कामां)            21
  35. डीग जल महल की ऐतिहासिक जल अभियांत्रिकी        21
  36. ऐतिहासिक कुएँ, बावड़ियाँ एवं पारंपरिक जल निष्कर्षण प्रणाली   22
  37. रहट एवं चरस      22
  38. डीग दुर्ग के सैन्य कुएँ         22
  39. डीग जिले में कुएं  22
  40. डीग की ऐतिहासिक बावड़ियाँ         23
  41. भूजल स्तर एवं जल गुणवत्ता की चुनौतियाँ     23
  42. जल-प्रबंधन में सुधार हेतु सुझाव       23
  43. जलवायुवीय विशेषताएं एवं ऋतु चक्र              25
  44. ऋतु चक्र का प्रादेशिक विभाजन      25
  45. ऋतुवार तापीय विश्लेषण   25
  46. ग्रीष्मकालीन तापीय दशाएं 25
  47. मौसम वैज्ञानिक परिघटनाएं             25
  48. वर्षाकालीन तापीय दशाएं   26
  49. शीतकालीन तापीय दशाएं  26
  50. वर्षा की मात्रा, वितरण एवं आर्द्रता चक्र          26
  51. वार्षिक वर्षा की मात्रा एवं मानसूनी प्राबल्य     26
  52. शीतकालीन वर्षा – मावठ   27
  53. सापेक्षिक आर्द्रता चक्र        27
  54. डीग जिले का कृषि परिदृश्य            28
  55. डीग जिले का कृषि-भौगोलिक अवलोकन      28
  56. कृषि जल संसाधन एवं सिंचाई परिदृश्य          28
  57. सिंचित कृषि         29
  58. असिंचित कृषि     29
  59. सिंचित कृषि क्षेत्र का विवरण            29
  60. असिंचित कृषि क्षेत्र का विवरण         29
  61. रबी मौसम की प्रमुख फसलें            30
  62. तिलहन की रानी: पीली सरसों / राई 30
  63. गेहूं         30
  64. जौ          30
  65. चना       30
  66. खरीफ मौसम की प्रमुख फसलें वर्षा-आधारित कृषि    31
  67. मुख्य खाद्यान्न फसल: बाजरा            31
  68. औद्योगिक एवं वाणिज्यिक फसलें    31
  69. दलहनी फसलें (मूंग, उड़द एवं अरहर)          31
  70. तिलहन एवं चारा फसल     31
  71. जायद मौसम की फसलें: नदी कछार एवं कुआँ आधारित नकद कृषि           32
  72. ककड़ी, तरबूज एवं खरबूजा            32
  73. जायद सब्जियाँ एवं हरा चारा           32
  74. तहसीलवार कृषि स्वरूप एवं फसल सघनता 32
  75. दक्षिणी एवं पूर्वी क्षेत्र (डीगई कुम्हेर, जनूथर, रारह)       32
  76. उत्तरी एवं पश्चिमी मेवात क्षेत्र (कामां, जुरहरा, पहाड़ी, सीकरी, नगर)     32
  77. डीग जिले की 9 तहसीलों का कृषि-उत्पादन प्रोफाइल 32
  78. कृषि चुनौतियाँ, आधुनिक तकनीक एवं भावी रणनीतिक कार्ययोजना          33
  79. मुख्य कृषि चुनौतियाँ          33
  80. आधुनिक तकनीकी नवाचार एवं समाधान      34
  81. डीग जिले का इतिहास       35
  82. प्रागैतिहासिक/पाषाण काल में डीग क्षेत्र         35
  83. प्राचीन काल में डीग क्षेत्र     35
  84. पूर्व-मध्यकाल में डीग क्षेत्र   35
  85. मध्यकाल में डीग क्षेत्र         35
  86. आधुनिक काल में डीग जिला           36
  87. डीग क्षेत्र की स्वाधीनता चेतना          37
  88. कामां, पहाड़ी एवं जुरहरा में मेव एवं किसान आंदोलन 38
  89. भरतपुर राज्य का भारत संघ में विलय एवं राजस्थान में एकीकरण            38
  90. डीग जिले से प्राप्त पुरातत्व सामग्री   40
  91. बहज पुरातात्विक टीला (डीग तहसील)          40
  92. सरस्वती का प्राचीन प्रवाह तंत्र          40
  93. वैदिक सभ्यता      40
  94. महाभारत कालीन सभ्यता  40
  95. प्राक-मौर्य सामग्री 41
  96. मौर्य कालीन सामग्री           41
  97. शुंग कालीन सामग्री           41
  98. कुषाण कालीन सामग्री       41
  99. शुंग-कुषाण कालीन औद्योगिक नगर              41
  100. गुप्तकालीन सामग्री            41
  101. गैरिक मृदभांड संस्कृति     41
  102. चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति          42
  103. बहज से प्राप्त मानव कंकाल            42
  104. बहज से प्राप्त पुरातत्व सामग्री का संरक्षण      42
  105. डीग जिले के अन्य प्रमुख पुरातात्विक टीले एवं स्थल     43
  106. डीग जिले के सांस्कृतिक स्थल          44
  107. डीग जिले की तहसीलों का भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विवरण              44
  108. पौराणिक एवं आद्य-ऐतिहासिक काल में डीग क्षेत्र की गतिविधियाँ          44
  109. पौराणिक एवं महाकाव्य कालीन गतिविधियाँ 44
  110. कामां एवं पहाड़ी तहसील क्षेत्र के पौराणिक तीर्थ   45
  111. डीग एवं कुम्हेर तहसील क्षेत्र के पौराणिक तीर्थ     45
  112. नगर, सीकरी एवं अन्य तहसीलों के आस्था-स्थल    46
  113. डीग जिले के प्रमुख पौराणिक तीर्थ, स्थान तथा उनकी धार्मिक मान्यताएँ              46
  114. पौराणिक स्थलों का धार्मिक एवं पारिस्थितिकीय अन्योन्याश्रय              47
  115. भू-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य      47
  116. डीग   47
  117. कुम्हेर              48
  118. कामां 48
  119. पहाड़ी             48
  120. नगर / ब्रजनगर              48
  121. सीकरी             48
  122. जुरहरा             48
  123. जनूथर             49
  124. रारह  49
  125. डीग जिले के पर्यटन स्थल  50
  126. डीग       50
  127. डीग दुर्ग 50
  128. लाखा तोप            51
  129. डीग के महल       52
  130. डीग-महलों के उद्यान         53
  131. डीग का कच्चा बाग            54
  132. गुलाब बाग           54
  133. कुम्हेर    54
  134. कुम्हेर दुर्ग            55
  135. गांगरसौली           55
  136. गांगरसौली की होलकर छतरी         56
  137. कामां     56
  138. कामां का 84 खंभा परिसर 57
  139. नगर       57
  140. थूण        57
  141. पूंछरी का श्याम ढाक वन   58
  142. पूंछरी का लौठा    58
  143. ब्रज भूमि 59
  144. डीग जिले के तीर्थ स्थल      60
  145. डीग क्षेत्र के तीर्थ  60
  146. कामावन के तीर्थ  61
  147. विमल तीर्थ –         61
  148. डीग जिले में पर्यटन विकास हेतु सुझाव          65
  149. थीमैटिक टूरिज्म सर्किट 65
  150. पर्यावरणीय एवं पुरातात्विक संरक्षण          65
  151. क्लस्टर-आधारित थीमेटिक सर्किट मण्डल की भावी योजनाएँ              65
  152. मेले एवं उत्सव      67
  153. डीग जिले से सम्बद्ध प्रमुख व्यक्ति   68
  154. स्वामी हरिदास     68
  155. राजा बदन सिंह (लगभग 1722-1756 ई.)       68
  156. महाराजा सूरजमल (1707-1763 ई.)              68
  157. महाराजा जवाहर सिंह (शासनकाल 1763-1768 ई.     68
  158. कवि सोमनाथ      68
  159. भूरीलाल 68
  160. गिरिराज प्रसाद    68
  161. विष्णु दत्त शर्मा     68
  162. नत्थाराम शर्मा      68
  163. गफरुद्दीन मेवाती जोगी      68
  164. डीग की साहित्य, कला एवं संस्कृति परंपराएँ 69
  165. कृष्ण-भक्ति परंपरा और ब्रजभाषा साहित्य     69
  166. ब्रज क्षेत्र की भक्ति परंपरा: राधा-कृष्ण प्रेम और आध्यात्मिक चेतना     69
  167. ब्रज की भक्ति संगीत परंपरा            70
  168. लोकनाट्य नौटंकी              70
  169. मेवाती लोकसंगीत             71
  170. बमरसिया लोकगीत: ब्रज और मेवात की लोकसांस्कृतिक परंपरा   72
  171. चरकुला नृत्य: ब्रज संस्कृति की विशिष्ट लोकनृत्य परंपरा              73
  172. ब्रज का फाग: होली के उल्लास और राधा-कृष्ण प्रेम की लोकपरंपरा         73
  173. रसिया गायन की परंपराएँ: ब्रज लोकसंगीत की अमूल्य धरोहर              74
  174. डीग जिले के संरक्षित स्मारक           76
  175. केन्द्र सरकार द्वारा संरक्षित स्मारक –              76
  176. राज्य सरकार द्वारा संरक्षित स्मारक –             76

डीग जिला ई-बुक मात्र 49 रुपए में उपलब्ध है।

डीग जिला ई-बुक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं साक्षात्कार की तैयारी के लिए डीग जिले से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाती है।

भरतपुर जिला ई-बुक भी अमेजन डॉट इन पर उपलब्ध है।

Dr. Mohanlal Gupta
Dr. Mohanlal Guptahttps://rajasthanhistory.com
डॉ. मोहनलाल गुप्ता राजस्थान के जाने-माने इतिहासकार एवं लेखक हैं। उनकी सौ से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं तथा पत्र-पत्रिकाओं में हजारों आलेख प्रकाशित हुए हैं।

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