Monday, January 5, 2026
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राजशाही का अंत: राजस्थान के इतिहास का एक स्वर्णिम दस्तावेज

राजस्थान का इतिहास केवल किलों और महलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष और परिवर्तन की एक लंबी गाथा है। इतिहासकार डॉ. मोहनलाल गुप्ता (Dr. Mohanlal Gupta) की पुस्तक राजशाही का अंत‘ (Rajshahi Ka Ant) इसी परिवर्तन को गहराई से समझने का एक बेहतरीन जरिया है।

यदि आप Rajasthan History, रियासतों के एकीकरण (Integration of Princely States) और लोकतंत्र की स्थापना में रुचि रखते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक ‘मस्ट-रीड’ (Must-read) है।

मुख्य विषय: राजशाही का अंत – सामंतवाद से लोकतंत्र तक (Transition from Feudalism to Democracy)

‘राजशाही का अंत’ मुख्य रूप से 20वीं सदी के उस दौर पर केंद्रित है, जब भारत सदियों पुरानी राजा-महाराजाओं की सत्ता को पीछे छोड़कर एक आधुनिक गणराज्य बन रहा था। लेखक ने इसमें End of Monarchy in Rajasthan के उन पहलुओं को उजागर किया है, जो अक्सर मुख्यधारा की चर्चाओं से छूट जाते हैं।

प्रमुख की-पॉइंट्स और हाईलाइट्स

  • Prajamandal Movement (प्रजामंडल आंदोलन): पुस्तक बताती है कि कैसे आम जनता ने सामंती अत्याचारों और भारी लगान के विरुद्ध आवाज उठाई।
  • Role of Sardar Patel: रियासतों के विलय में ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की कूटनीति का सजीव चित्रण।
  • Political Consciousness: राजस्थानी समाज में राजनीतिक चेतना का उदय और सामंतवाद का पतन।
  • Integration of Rajasthan: मत्स्य संघ से लेकर आधुनिक राजस्थान बनने तक के विभिन्न चरणों का प्रामाणिक विवरण।

लेखक डॉ. मोहनलाल गुप्ता का दृष्टिकोण

डॉ. मोहनलाल गुप्ता राजस्थान के एक प्रतिष्ठित लेखक और शोधकर्ता हैं। उनकी इस कृति की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निष्पक्षता (Impartiality) है। उन्होंने जहाँ एक ओर राजाओं की विलासिता और उनके पतन के कारणों का विश्लेषण किया है, वहीं दूसरी ओर उनके द्वारा कला, संस्कृति और स्थापत्य के क्षेत्र में दिए गए योगदान को भी सम्मान दिया है।

“राजशाही का अंत केवल एक व्यवस्था का बदलाव नहीं था, बल्कि यह लाखों दबे-कुचले लोगों की आकांक्षाओं की जीत थी।” — डॉ. मोहनलाल गुप्ता

छात्रों और शोधार्थियों के लिए क्यों उपयोगी है राजशाही का अंत ? (Why it is important for Students?)

यदि आप RPSC, RAS, या UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पुस्तक Modern Rajasthan History के लिए एक संदर्भ ग्रंथ (Reference Book) का कार्य करती है।

  1. Authentic Data: इसमें सरकारी दस्तावेजों और गजेटियर्स का उपयोग किया गया है।
  2. Simple Language: जटिल ऐतिहासिक घटनाओं को बहुत ही सरल हिंदी में समझाया गया है।
  3. Comprehensive Coverage: रियासती काल के सामाजिक और आर्थिक ढांचे की विस्तृत जानकारी।

निष्कर्ष (Conclusion)

डॉ. मोहनलाल गुप्ता की पुस्तक ‘राजशाही का अंत’ इस तथ्य का बड़ी गहराई से विश्लेषण करती है कि स्वातंत्र्योत्तर राजस्थान में लोकतंत्र की नींव कितनी मजबूत है और इसे पाने के लिए हमारे पूर्वजों ने कितना संघर्ष किया है। यह पुस्तक राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और उसके आधुनिक स्वरूप के बीच एक सेतु (Bridge) का काम करती है।

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