Sunday, April 14, 2024
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राजस्थान की पेयजल परियोजनाएँ

राजस्थान की पेयजल परियोजनाएँ राज्य में अत्यंत अल्प मात्रा में उपलब्ध जल के आधार पर बनाई गई हैं। इन पेयजल परियोजनाओं के अतिरिक्त अन्य स्थानीय साधनों से भी राज्य में रहने वाले मनुष्यों एवं पशुओं को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है। यहाँ पर कुछ बड़ी पेयजल परियोजनाओं का परिचय दिया गया है।

बीसलपुर परियोजना

बीसलपुर परियोजना राज्य की सिंचाई एवं पेयजल की प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है। इसके लिये टोंक जिले के बीसलपुर गाँव के निकट बनास नदी पर एक बांध बनाया गया है।

इससे जयपुर, अजमेर, केकड़ी, सरवाड़, नसीराबाद, ब्यावर, किशनगढ़ आदि नगरों एवं कस्बों को तथा मार्ग में आने वाले गाँवों को पेयजल आपूर्ति तथा टोंक जिले के 81 हजार 800 हैक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई हेतु जल उपलब्ध करवाने की योजना है।

इस बांध की कुल भराव क्षमता 38.70 टी.एम.सी. है जिसमें से 16.2 टी.एम.सी. जल पेयजल आपूर्ति के लिये तथा 8 टी.एम.सी. जल सिंचाई के लिये आरक्षित किया गया है। जयपुर व अजमेर जिले को पेयजल आपूर्ति हेतु बांध एवं इसके संग्रहण ढांचों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

अजमेर, ब्यावर, किशनगढ़ एवं रास्ते के गांवों को पेयजल वर्ष 1994 से उपलब्ध कराया जा रहा है। दांयी व बांयी मुख्य नहरों एवं वितरिकाओं का काम पूरा हो चुका है। इस परियेाजना से मानव को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने के साथ-साथ विशाल भूभाग पर खेती करना संभव हो सका है तथा इस क्षेत्र में कृषि आधारित एवं गैर कृषि आधारित उद्योग धंधे विकसित हुए हैं।

मानसी वाकल परियोजना

यह परियोजना उदयपुर जिले में मानसी नदी पर स्थित उर्सिया पर स्थापित की गयी है। इससे उदयपुर शहर को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है।

चम्बल धौलपुर भरतपुर परियोजना

भरतपुर एवं धौलपुर जिलों के 1000 गाँवों एवं 5 नगरों को पेयजल की आपूर्ति के उद्देश्य से यह परियोजना धौलपुर जिले में चम्बल नदी पर स्थापित की गयी है।

बघेरी का नाका परियोजना

राजसमंद जिले की नाथद्वारा, राजसमंद एवं रेलमगरा तहसील के 206 गाँवों को पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से यह परियोजना राजसमंद जिले में बनास नदी पर स्थापित की गयी है।

राजीव गांधी लिफ्ट नहर परियोजना

जोधपुर शहर एवं जोधपुर जिले के 158 गाँवों को पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से यह परियोजना इंदिरा गांधी नहर पर स्थापित की गयी है।

आपणी योजना

चूरू एवं हनुमानगढ़ जिलों के 370 गाँवों सहित सरदार शहर तथा तारानगर को पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से यह परियोजना इंदिरा गांधी नहर पर चूरू जिले में स्थापित की गयी है।

बाड़मेर लिफ्ट कैनाल

बाड़मेर शहर सहित बाड़मेर जिले के 529 गाँवों एवं जैसलमेर जिले के 162 गाँवों में पेयजल की आपूर्ति हेतु वर्ष 2003 में 245 करोड़ रुपये की लागत वाली बाड़मेर लिफ्ट कैनाल को स्वीकृति दी गई थी किंतु इसके क्रियान्वयन में 6 साल का विलम्ब हो जाने से इसकी लागत बढ़कर 845.66 करोड़ रुपये हो गई।

इस योजना में जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ से निकलने वाली इंदिरा गांधी नहर से बाड़मेर जिले के गाँवों को पाइप लाइनों से जोड़ने के लिये 180 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन बिछाई गई है। इस योजना से 6 लाख लोग लाभान्वित होते हैं तथा बाड़मेर एवं जैसलमेर जिलों में स्थित लगभग 60 हजार सैनिक आबादी को भी पेयजल की आपूर्ति होती है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि राजस्थान की पेयजल परियोजनाएँ राज्य में निवास करने वाले मनुष्यों एवं पशुओं को पेयजल उपलब्ध करवा रही हैं।

-डॉ. मोहनलाल गुप्ता

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