Thursday, January 22, 2026
spot_img
Home जोधपुर जिला जोधपुर रियासत का इतिहास

जोधपुर रियासत का इतिहास

जोधपुर रियासत का इतिहास पश्चिमी राजस्थान के राठौड़ों का इतिहास है जो थार मरुस्थल में आने से पहले कन्नौज के पास बदायूं में शासन करते थे। मुहम्मद गौरी द्वारा कन्नौज के राजा को मार दिए जाने के बाद बदायूं के राठौड़ पाली नगर में आकर रहने लगे। वहाँ से बाड़मेर के मालानी क्षेत्र में फैले और अंत में मण्डोर तथा नागौर आदि क्षेत्रों पर अधिकार स्थापित करके जोधपुर रियासत स्थापित करने में सफल रहे।

 

- Advertisement -

Latest articles

कुवलयमाला में प्रयुक्त भाषाएँ - www.rajasthanhistory.com

कुवलयमाला में प्रयुक्त भाषाएँ

0
प्राकृत साहित्य के विशाल भंडार में जैन आचार्य उद्योतन सूरि द्वारा चंपू काव्य शैली (गद्य और पद्य मिश्रण) में रचित 'कुवलयमाला' (8वीं शताब्दी, रचना...
नागौर के इतिहासकार - www.rajasthanhistory.com

नागौर के इतिहासकार

0
नागौर के इतिहासकार इस क्षेत्र के इतिहास को गहराई के साथ लिखने में सफल रहे हैं। इन इतिहासकारों ने नागौर के राजनीतिक, सांस्कृतिकऔर धार्मिक...
कुवलयमाला - www.rajasthanhistory.com

कुवलयमाला: आचार्य उद्योतनसूरि का प्राकृत ग्रंथ

0
भारतीय साहित्य में अनेक ग्रंथ ऐसे हैं जो केवल धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व ही नहीं रखते, अपितु समाज और संस्कृति की गहरी झलक भी...
जालोर के इतिहासकार - www.rajasthanhistory.com

जालोर के इतिहासकार

0
जालोर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है, जिसे समय-समय पर विभिन्न मध्यकालीन कवियों और आधुनिक इतिहासकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से...
कान्हड़दे प्रबंध - www.rajasthanhistory.com

कान्हड़दे प्रबंध: जालौर के स्वाभिमान और हिन्दू शौर्य का अद्भुत ग्रंथ

0
कान्हड़दे प्रबंध (Kanhadde Prabandh) कवि पद्मनाभ (Padmanabh) द्वारा रचित अपभ्रंश ग्रंथ है, जिसमें जालौर के चहमान शासक रावल कान्हड़देव की वीरता, अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin...
// disable viewing page source