- Advertisement -
Latest articles
कुवलयमाला में प्रयुक्त भाषाएँ
प्राकृत साहित्य के विशाल भंडार में जैन आचार्य उद्योतन सूरि द्वारा चंपू काव्य शैली (गद्य और पद्य मिश्रण) में रचित 'कुवलयमाला' (8वीं शताब्दी, रचना...
नागौर के इतिहासकार
नागौर के इतिहासकार इस क्षेत्र के इतिहास को गहराई के साथ लिखने में सफल रहे हैं। इन इतिहासकारों ने नागौर के राजनीतिक, सांस्कृतिकऔर धार्मिक...
कुवलयमाला: आचार्य उद्योतनसूरि का प्राकृत ग्रंथ
भारतीय साहित्य में अनेक ग्रंथ ऐसे हैं जो केवल धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व ही नहीं रखते, अपितु समाज और संस्कृति की गहरी झलक भी...
जालोर के इतिहासकार
जालोर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है, जिसे समय-समय पर विभिन्न मध्यकालीन कवियों और आधुनिक इतिहासकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से...
कान्हड़दे प्रबंध: जालौर के स्वाभिमान और हिन्दू शौर्य का अद्भुत ग्रंथ
कान्हड़दे प्रबंध (Kanhadde Prabandh) कवि पद्मनाभ (Padmanabh) द्वारा रचित अपभ्रंश ग्रंथ है, जिसमें जालौर के चहमान शासक रावल कान्हड़देव की वीरता, अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin...
Categories
- राजस्थान126
- मेवाड़126
- पासवान गुलाबराय105
- इतिहास पुरुष104
- राष्ट्रीय राजनीति में मेवाड़ का प्रभाव68
- अजमेर61
- मारवाड़53
- इतिहास41
- साहित्य39
- नागौर जिला39
- इतिहास ग्रंथ33
- सम्राट पृथ्वीराज चौहान32
- ढूंढाड़29
- महाराजा रूपसिंह राठौड़29
- हल्दीघाटी का युद्ध और महाराणा प्रताप27
- इतिहास के स्रोत26
- ब्रिटिश शासन में राजपूताना की रोचक घटनाएँ23
- ऐतिहासिक उपन्यास22
- ब्रजभूमि21
- राजस्थान का इतिहास20









