Friday, February 13, 2026
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हल्दीघाटी युद्ध पर पुस्तकें

हल्दीघाटी युद्ध पर पुस्तकें अनेक मूर्धन्य इतिहासकारों द्वारा हिन्दी, अंग्रेजी एवं अन्य भाषाओं में लिखी गई हैं। यहाँ हिन्दी में लिखी गई पुस्तकों का संक्षिप्त परिचय दिया जा रहा है।

हल्दीघाटी के युद्ध (Battle of Haldighati) 1576 ई. में मेवाड़ राज्य के हल्दीघाटी नामक स्थान पर हुआ था जो एक संकरे पहाड़ी दर्रे के बीच में स्थित है।  और महाराणा प्रताप के इतिहास पर पर हिन्दी में कई अच्छी पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनमें इतिहासपरक शोध‑ग्रंथ, लोकप्रिय विवरण और काव्य–रचनाएँ सब शामिल हैं। ये पुस्तकें ऐतिहासिक विश्लेषण, महाराणा प्रताप की जीवनी, युद्ध का विस्तृत वर्णन, या काव्यात्मक रूप में लिखी गई हैं। अधिकांश राजस्थानी इतिहास, मुगल-राजपूत संघर्ष, या राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से केंद्रित हैं।

शोध व इतिहासपरक पुस्तकें

हल्दीघाटी का युद्ध और महाराणा प्रताप – डॉ. मोहनलाल गुप्ता (Dr. Mohan Lal Gupta)

प्रकाशक: राजस्थानी ग्रन्थागार, भाषा: हिन्दी; पुस्तक हल्दीघाटी का युद्ध और महाराणा प्रताप ऐतिहासिक दृष्टि से गहन विश्लेषण करती है। इसमें युद्ध की पृष्ठभूमि, प्रमुख घटनाएँ, विभिन्न दृष्टिकोण (जैसे अबुल फ़ज़ल, बदायूँनी, जेम्स टॉड आदि के विवरण) और युद्ध के बाद की परिस्थितियों का विस्तार से अध्ययन किया गया है। हल्दीघाटी के युद्ध की पृष्ठभूमि, सेनाबल, रणनीति और परिणाम पर केंद्रित विस्तृत पुस्तक। युद्ध के ऐतिहासिक पक्ष और सम्बन्धित घटनाओं पर शोधात्मक विवेचन (128 पृष्ठ) ।

Haldighati ka Yuddh / हल्दीघाटी का युद्ध – मुकेश कुमार वर्मा (Mukesh Kumar Verma)

प्रकाशक: मयंक प्रकाशन, पटना, भाषा: हिन्दी; आधुनिक परिप्रेक्ष्य से युद्ध और उसकी रणनीति‑विश्लेषण देती है। युद्ध के कारणों और घटनाक्रम पर फोकस।

War of Haldighati and Maharana Pratap: हल्दीघाटी का युद्ध और महाराणा प्रताप 

द्विभाषिक, परन्तु मुख्य सामग्री हिन्दी में भी उपलब्ध) इसमें युद्ध के सैन्य‑इतिहास, गुहिल राजपूतों की भूमिका और परिस्थिति का क्रमिक वर्णन है।​

हल्दीघाटी का योद्धा – सुशील कुमार (Sushil Kumar)

यह जीवनी–प्रधान पुस्तक है जिसमें महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व और हल्दीघाटी के युद्ध को स्वाधीनता–संघर्ष के प्रतीक रूप में दिखाया गया है।​ महाराणा प्रताप के जीवन और युद्ध पर आधारित उपन्यास जैसी शैली​।

महापराक्रमी महाराणा प्रताप: Hero of Haldighati Battle 

प्रकाशक: प्रभात बुक्स; हल्दीघाटी के युद्ध, प्रताप के त्याग, चेतक आदि प्रसंगों को लोकप्रिय शैली में प्रस्तुत करती है।​

हल्दीघाटी युद्ध के विजेता महाराणा प्रताप — विजय नाहर (Vijay Nahar)

प्रकाशक: प्रभात प्रकाशन, यह पुस्तक प्रमाणों के आधार पर सिद्ध करती है कि युद्ध में महाराणा प्रताप विजयी रहे। हल्दीघाटी के युद्ध, महाराणा प्रताप का संघर्ष और शौर्य पर विस्तृत विवरण।

हल्दीघाटी का युद्ध (Battle of Haldighati) — राजेंद्र शंकर भट्ट (Rajendra Shankar Bhatt)

प्रकाशक: राजस्थानी ग्रंथागार, जोधपुर, युद्ध के परिप्रेक्ष्य और केंद्रीय घटनाओं का संक्षिप्त वर्णन। संक्षिप्त लेकिन ऐतिहासिक विवरण वाली पुस्तक (पृष्ठ: 48, पेपरबैक)

महापराक्रमी महाराणा प्रताप: Hero of Haldighati Battleआचार्य मायाराम ‘पतंग’

 महाराणा प्रताप की वीरता और हल्दीघाटी युद्ध का वर्णन।

राणा प्रताप और हल्दीघाटी का युद्ध लेखक: शक्ति सिंह नेगी (Shakti Singh Negi)

मातृभारती पर ऑनलाइन उपलब्ध (डिजिटल/पीडीएफ फॉर्मेट में)

काव्य/साहित्यिक रचनाएँ

हल्दीघाटी – श्याम नारायण पाण्डेय (Shyam Narayan Pandey) (1959) (महाकाव्य)

प्रकाशक: हिंदवी, वेदरिषि, आर्यश साहित्य संस्करण आदि, भाषा: हिन्दी; यह हिंदी साहित्य की एक प्रसिद्ध रचना है, जिसमें हल्दीघाटी युद्ध को वीर रस में काव्यात्मक रूप से वर्णित किया गया है। महाराणा प्रताप और अकबर के चरित्र पर केंद्रित। (पृष्ठ: 149) इसमें महाराणा प्रताप और अकबर के संघर्ष को अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी शैली में प्रस्तुत किया गया है। विभिन्न प्रकाशकों से इसी महाकाव्य के संस्करण अलग‑अलग प्रस्तावना और टिप्पणी के साथ मिलते हैं।​

हल्दीघाटी – श्रीनारायण चतुर्वेदी

यह पुस्तक इतिहास और काव्य का मिश्रण है, जिसमें युद्ध का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसमें वीरता और संघर्ष को साहित्यिक शैली में प्रस्तुत किया गया है।

Maharana Pratap – The Hero of Haldighati 

कुछ संस्करण द्विभाषिक/अनूदित, पर हिन्दी रूपांतरण भी उपलब्ध, इसमें प्रताप के संपूर्ण जीवन के साथ हल्दीघाटी के युद्ध का विस्तृत अध्याय दिया गया है

आंशिक रूप से हल्दीघाटी‑केन्द्रित पुस्तकें

  • महाराणा प्रताप की जीवनी वाली कई किताबों में हल्दीघाटी का अलग अध्याय होता है, जैसे “महाराणा प्रताप: हल्दीघाटी का नायक” या संग्रह वाली पुस्तकें।
  • कुछ किताबें राजपूत इतिहास पर केंद्रित हैं, जैसे गौरीशंकर हीराचंद ओझा की रचनाओं के हिंदी अनुवाद या आधुनिक संस्करण।

सारांश

  • श्याम नारायण पाण्डेय और श्रीनारायण चतुर्वेदी की रचनाएँ काव्यात्मक और वीर रस प्रधान हैं।
  • डॉ. मोहनलाल गुप्ता की पुस्तक ऐतिहासिक शोध और विश्लेषण पर आधारित है।

पढ़ने के लिए सुझाव

  • अगर आप ऐतिहासिक तथ्य और युद्ध विश्लेषण चाहते हैं, तो डॉ. मोहनलाल गुप्ता और विजय नाहर की किताबें अधिक उपयोगी होती हैं।
  • यदि आप कथात्मक और प्रेरणात्मक विवरण पसंद करते हैं, तो महापराक्रमी महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी का योद्धा जैसी पुस्तकें उपयुक्त हैं।
  • ये पुस्तकें राजस्थान के स्थानीय प्रकाशकों,  (जयपुर, जोधपुर, उदयपुर) में आसानी से मिल जाती हैं, और ऑनलाइन बुक‑स्टोर (Rekhta Books, Amazon, Flipkart, Prabhat Prakashan, Exotic India, Hindwi.org) पर उपलब्ध हैं।
  • कई ई‑बुक प्लेटफ़ॉर्म पर प्रिंट या PDF रूप में मिल जाएंगे।

हिन्दी भाषा में हल्दीघाटी पर पुस्तकें कुछ और भी उपलब्ध हो सकती हैं, यहाँ केवल उन पुस्तकों की चर्चा की गई है जिन्हें ऐतिहासिक दृष्टि से प्रसिद्धि प्राप्त है।

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