Thursday, January 22, 2026
spot_img
Home अजमेर डीडवाना-कुचामन जिला

डीडवाना-कुचामन जिला

डीडवाना-कुचामन जिला आजादी से पहले जोधपुर रियासत का अंग था। इसे वर्ष 2023 में नागौर जिले से अलग करके नया जिला बनाया गया है। डीडवाना-कुचामन जिला भी अजमेर संभाग में रखा गया है।

डीडवाना-कुचामन जिले में 8 तहसीलें हैं- डीडवाना-कुचामन, नावां, लाडनूं, मौलासर, मकराना, परबतसर, छोटी खाटू, कुचामन सिटी।

इस क्षेत्र की संस्कृति मारवाड़ी है। डीडवाना को शेखावाटी सांस्कृतिक क्षेत्र का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर इस जिले की जनसंख्या 16,25,837 है।

डीडवाना-कुचामन जिले में मकराना, डीडवाना, नावां परबतसर, लाडनूं तथा कुचामन नामक 6 उपसंभाग हैं जिनमें इन्हीं नामों से तहसीलें भी गठित की गई हैं। डीडवाना उपसंभाग में डीडवाना के साथ-साथ मौलासर तथा छोटी खाटू नामक तहसीलें भी गठित की गई हैं।

- Advertisement -

Latest articles

कुवलयमाला में प्रयुक्त भाषाएँ - www.rajasthanhistory.com

कुवलयमाला में प्रयुक्त भाषाएँ

0
प्राकृत साहित्य के विशाल भंडार में जैन आचार्य उद्योतन सूरि द्वारा चंपू काव्य शैली (गद्य और पद्य मिश्रण) में रचित 'कुवलयमाला' (8वीं शताब्दी, रचना...
नागौर के इतिहासकार - www.rajasthanhistory.com

नागौर के इतिहासकार

0
नागौर के इतिहासकार इस क्षेत्र के इतिहास को गहराई के साथ लिखने में सफल रहे हैं। इन इतिहासकारों ने नागौर के राजनीतिक, सांस्कृतिकऔर धार्मिक...
कुवलयमाला - www.rajasthanhistory.com

कुवलयमाला: आचार्य उद्योतनसूरि का प्राकृत ग्रंथ

0
भारतीय साहित्य में अनेक ग्रंथ ऐसे हैं जो केवल धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व ही नहीं रखते, अपितु समाज और संस्कृति की गहरी झलक भी...
जालोर के इतिहासकार - www.rajasthanhistory.com

जालोर के इतिहासकार

0
जालोर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है, जिसे समय-समय पर विभिन्न मध्यकालीन कवियों और आधुनिक इतिहासकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से...
कान्हड़दे प्रबंध - www.rajasthanhistory.com

कान्हड़दे प्रबंध: जालौर के स्वाभिमान और हिन्दू शौर्य का अद्भुत ग्रंथ

0
कान्हड़दे प्रबंध (Kanhadde Prabandh) कवि पद्मनाभ (Padmanabh) द्वारा रचित अपभ्रंश ग्रंथ है, जिसमें जालौर के चहमान शासक रावल कान्हड़देव की वीरता, अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin...
// disable viewing page source